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पत्थलगड़ी मामले में फरार घो​षित पत्थलगड़ी की प्रमुख नेत्री बेलोसा बबीता कच्छप गिरफ्तार

News Desk

झारखंड में हुए पत्थलगड़ी का मामला आपको याद ही होगा। झारखंड के खूंटी जिले में कुछ सालो पहले या यूँ कहे कि पूर्व की रघुवर सरकार की दौरान पत्थलगड़ी को लेकर खूब हंगामा हुआ था. सत्ता पक्ष को छोड़कर कर सभी राज्य सरकार की किरकिरी कर रहे थे.

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पत्थलगडी को लेकर झारखंड पुलिस और आदिवासी समुदाय के बिच जमकर झड़प हुआ था. पुलिस की गोली से आदिवासियों की जान भी गई थी. इसी मामले को लेकर बबिता पर कई गंभीर आरोप लगे और उस समय की रघुवर सरकार ने फरार घोषित किया था. बबिता पर झारखंड के आदिवासियों को बरगलाने तथा राज्य सरकार के खिलाफ षडयंत्र रचने के आरोप में राज्य सरकार द्वारा देशद्रोह का केस किया गया था.

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बबिता समेत तीन लोगो को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया है. गुजरात एटीएस के कहा कि ये तीनों झारखंड के पत्थलगड़ी आंदोलन से जुड़े हैं। गुजरात एटीएस ने इनपर राजद्रोह और आपराधिक षडयंत्र की धारा लगाई है| एटीएस का आरोप है कि ये तीनों गुजरात के आदिवासी बहुल इलाकों में लोगों को सरकार के खिलाफ बरगला रहे थे| एटीएस ने सामू और बिरसा को आदिवासी बहुत तापी जिले के व्यारा तालुक से गिरफ्तार किया, जबकि बबीता को महिसागर जिले के संतरामपुर तालुक से गिरफ्तार किया गया। गुजरात पुलिस ने बताया कि ये तीनों झारखंड में अलग-अलग मामलों में आरोपी भी हैं.

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गुजरात एटीएस ने राजद्रोह से संबंधित आईपीसी की धारा-124-ए लगाया है। इसके तहत आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। इसके अलावा इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 120-बी यानी आपराधिक षडयंत्र रचने का भी आरोप लगाया गया है। पत्थलगड़ी आंदोलन में एक सरकारी आदेशों को नहीं माना जाता है और एक निश्चित भूभाग में सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों का प्रवेश भी रोक दिया जाता है।

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