बाबा रामदेव के खिलाफ दर्ज हुए 5 FIR, कोरोनिल को लेकर भ्रामक प्रचार करने का आरोप

कोरोनिल दवा को लेकर अब बाबा रामदेव और 4 अन्य के खिलाफ राजस्थान की राजधानी जयपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई है. यह केस कोरोना वायरस की दवा के तौर पर कोरोनिल को लेकर भ्रामक प्रचार करने के आरोप में दर्ज कराया गया है.

कोरोना की दवा के तौर पर कोरोनिल को लेकर भ्रामक प्रचार करने के आरोप में जयपुर में जिन पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है उनमें पतंजलि के रामदेव और बालकृष्ण का नाम शामिल है. जयपुर के ज्योतिनगर थाने में शुक्रवार को ये एफआईआर दर्ज कराई गई. एफआईआर में योगगुरु रामदेव और बालकृष्ण के अलावा वैज्ञानिक अनुराग वार्ष्णेय, निम्स के अध्यक्ष डॉ. बलबीर सिंह तोमर और निदेशक डॉ. अनुराग तोमर को आरोपी बनाया गया है.

इंडिया टुडे में छपी रिपोर्ट के अनुसार शिकायत दर्ज कराने वाले वकील बलराम जाखड़ ने कहा कि, ‘कोरोनिल के भ्रामक प्रचार के मामले में बाबा रामदेव सहित पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है.’ एफआईआर आईपीसी की धारा 420 सहित विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है.

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, RBI की निगरानी में अब होंगे सभी को-ऑपरेटिव बैंक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बुधवार को कैबिनेट बैठक हुई. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आज अंतरिक्ष विज्ञान और बैकों को लेकर में बड़े सुधार के अध्यादेश को मंजूरी दी गई है. अब सरकारी बैंक (अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक हो या मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक) रिजर्व बैंक के सुपर विजन पॉवर में आ जाएंगे।

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि 1482 शहरी सहकारी बैंकों और 58 बहु-राज्य सहकारी बैंकों सहित सरकारी बैंकों को अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सुपर विजन के तहत लाया जा रहा है. आरबीआई की शक्तियां जैसे अनुसूचित बैंकों पर लागू होती हैं, वैसे ही सहकारी बैंकों पर भी लागू होंगी।

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केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आरबीआई के सुपरविजन में 1,540 सहकारी बैंकों को लाने का फैसले से इनके खाताधारकों को फायदा मिलेगा. इन बैंकों में 8.6 करोड़ से अधिक जमाकर्ताओं को आश्वासन देगा कि इन बैंकों में जमा 4.84 लाख करोड़ रुपये सुरक्षित रहेंगे। साथ ही अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बहुत बड़ा सुधार किया है. आज तक हमने अंतरिक्ष में अच्छा विकास किया है अब ये एक तरह से सभी के उपयोग के लिए खोले जा रहे हैं. कुशीनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित किया जा रहा है.

केंद्रीय कैबिनेट ने अन्य पिछड़ा वर्ग के भीतर उप-वर्गीकरण के मुद्दे की जांच के लिए गठित आयोग का कार्यकाल और छह महीने यानी 31 जनवरी 2021 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है.

बाब रामदेव के कोरोना दवा के विज्ञापन पर मोदी सरकार ने लगाई रोक, मांगे ट्रायल के दस्तावेज

पतंजलि की तरफ से मंगलवार को दावा किया गया कि उन्होंने कोरोना से निजात दिलाने वाली एक दवा की खोज कर ली है. वहीं आयुष मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की खबर के आधार पर इस मामले को संज्ञान में लिया है.

मंत्रालय का कहना है कि कंपनी की तरफ से जो दावा किया गया है उसके फैक्ट और साइंटिफिक स्टडी को लेकर मंत्रालय के पास कोई जानकारी नहीं पहुंची है. मंत्रालय ने कंपनी को इस संबंध में सूचना देते हुए कहा है कि इस तरह का प्रचार करना कि इस दवाई से कोरोना का 100 प्रतिशत इलाज होता है, ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) कानून 1954 का उल्लंघन है.

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पतंजलि से कहा गया है कि वह नमूने का आकार, स्थान, अस्पताल जहां अध्ययन किया गया और आचार समिति की मंजूरी के बारे में विस्तृत जानकारी दे. आयुष मंत्रालय ने पतंजलि से जल्द से जल्द उस दवा का नाम और उसके घटक बताने को कहा है जिसका दावा कोविड उपचार के लिए किया जा रहा है.

केंद्र सरकार ने इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया है और कहा है कि दवाई की स्टडी को लेकर जो भी जानकारी है उसे सरकार देखेगी. मंत्रालय ने इस संबंध में कंपनी को सैंपल साइज, स्टडी डाटा जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करने को कहा है. साथ ही फिलहाल कंपनी की तरफ से दवाई के विज्ञापन पर रोक लगाने को भी कहा गया है.

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योग गुरु रामदेव ने मंगलवार को कोरोना के खिलाफ कारगर दवाई बनाने का दावा करते हुए ‘कोरोनिल दवा’ लॉन्च की है. योग गुरु का कहना है कि उनकी दवाई ‘कोरोनिल’ से सात दिन के अंदर 100 फीसदी रोगी रिकवर हो गए. ‘कोरोनिल दवा’ का सौ फीसदी रिकवरी रेट है और शून्य फीसदी डेथ रेट है. हालांकि भारत सरकार के अंतर्गत आने वाला आयुष मंत्रालय योग गुरु के दावे से इत्तेफाक नहीं रखता.

पतंजलि की कोरोना से क्योर का दावा करने वाली दवा ‘कोरोनिल’ को लेकर पहले आईसीएमआर (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) और आयुष मंत्रालय दोनों ने पल्ला झाड़ लिया था. आयुष मंत्रालय ने कहा था कि आईसीएमआर के अधिकारी ही इस बारे में सही जानकारी दे पाएंगे. जबकि आईसीएमआर के अधिकारियों के मुताबिक आयुर्वेदिक दवा से संबंधित सभी जिम्मेदारी आयुष मंत्रालय का है. जिसके बाद अब आयुष मंत्रालय ने पूरे मामले को संज्ञान में लिया है.

रामदेव ने कोरोना वायरस की आयुर्वेदिक दवा बनाने का दावा किया, नाम दिया ‘कोरोनिल’

कोरोना वायरस के कहर के बीच योगगुरू बाबा रामदेव ने कोरोना वायरस की आयुर्वेदिक दवा बनाने का दावा किया है. पतंजलि के योगगुरु रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसका एलान किया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रायल में शामिल रहे वैज्ञानिक, डॉक्टर, रिसर्चर भी मौजूद रहे. कोरोना वायरस को मात देने वाली इस आर्युवेदिक दवा का नाम कोरोनिल दिया गया है.

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रामदेव ने कहा कि संपूर्ण साइंटिफिक डॉक्यूमेंट के साथ श्वासारि वटी, कोरोनिल, कोरोना की एविडेंस बेस्ड पहली आयुर्वेदिक औषधि है. पतंजलि के मुताबिक, यह रिसर्च संयुक्त रूप से पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीआरआई) हरिद्वार, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (NIMS), जयपुर द्वारा किया गया है. दवा का निर्माण दिव्य फार्मेसी, हरिद्वार और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, हरिद्वार के द्वारा किया जा रहा है.

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आचार्य बालकृष्ण ने कहा, आज पतंजलि परिवार के लिए बहुत बड़ा दिन है. मानवता की सेवा में विनम्र प्रयास पूरा होने की खुशी आप सब से साझा करते हुए अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है. पतंजलि के सभी वैज्ञानिकों NIMS यूनिवर्सिटी के डॉक्टर बलवीर सिंह जी व सभी डॉक्टरों को बधाइयां आपका प्रयास आज साकार हो रहा है आयुर्वेद अब अपने अतीत के वैभव को प्राप्त कर शक्ति संपन्न बनेगा.

बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि सेवा का दूसरा नाम है यह शब्दों से नहीं कर्मों से झलकता है. रामदेव का नेतृत्व हमें ऊर्जा देता है, सृजन तो परमात्मा की कृपा है, हम तो निमित्त मात्र हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने पहले जगरनाथ रथ यात्रा पर लगाई रोक, फिर शर्तों के साथ दिया आदेश

जगन्नाथ रथ यात्रा को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिल गई है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए कुछ शर्तें रखी हैं. SC ने कहा है राज्य और मंदिर न्यास के सहयोग से नागरिक स्वास्थ्य पर समझौता किए बिना रथ यात्रा का आयोजन किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्लेग महामारी के दौरान भी रथ यात्रा सीमित नियमों के साथ श्रद्धालुओं के बीच हुई थी.

देशभर में फैले कोरोना वायरस के मद्देनजर इस बार पुरी रथ यात्रा पर रोक लगी थी जिसके खिलाफ कोर्ट में याचिकाएं डाली गई थी. इन याचिकाओं पर जो बेंच सुनवाई कर रही थी उसमें सीजेआई एसए बोवडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी शामिल थे. आज SC के इस बेंच ने रथ यात्रा को शर्तों के साथ जारी रखने का फैसला सुनाया.

मुस्लिम छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका:

ओडिशा में नयागढ़ जिले के 19 साल के मुस्लिम छात्र ने जगन्नाथ यात्रा पर रोक लगाने के फैसले पर पुनर्विचार की अपील की थी. सुप्रीम कोर्ट का रुख करनेवाला आफताब हुसैन बीए अर्थशास्त्र का छात्र है. उसे सोशल मीडिया पर राज्य का दूसरा सलाबेग कहा जा रहा है. आफताब हुसैन ने कहा है कि उसके पिता भी भगवान के भक्त थे. छात्र ने अपने अधिवक्ता पी के महापात्रा के जरिए सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर की. उसने सुप्रीम कोर्ट से जगन्नाथ यात्रा पर दिए अपने फैसले पर फिर से गौर करने को कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने 18 जून को कहा था कि जन स्वास्थ्य और नागरिकों के हितों की रक्षा के मद्देनजर इस साल 23 जून को ओडिशा के पुरी में निर्धारित यात्रा की इजाजत नहीं दी जा सकती. ‘अगर हमने इसकी अनुमति दी तो भगवान जगन्नाथ हमें कभी माफ नहीं करेंगे.

सेना को मिली इमरजेंसी फंड की मंजूरी, प्रोटोकॉल की चिंता नहीं, अब खुली छूट

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद पिछले कई वर्षों से जारी है, ऐसे में दोनों देशों के बीच समझौता है कि विकट परिस्थितियों में भी बॉर्डर पर हथियार का इस्तेमाल नहीं होगा. कोई भी सैनिक गोली नहीं चलाएगा, लेकिन गलवान की घटना में चीनी सैनिकों ने इसका उल्लंघन कर दिया.

चीनी सैनिकों ने नुकीले हथियारों से भारतीय जवानों पर हमला किया, लेकिन भारत के सैनिकों ने प्रोटोकॉल का पालन किया. इसपर कई तरह के सवाल उठने के बाद अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से सेना को खुली छूट है.

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सूत्रों की मानें, तो सरकार ने कहा है कि अगर बात सैनिकों की जान पर आ जाती है और जान को खतरा होता है तो सेल्फ डिफेंस में कदम उठाएं और प्रोटोकॉल की चिंता ना करें. गलवान घाटी में तनाव के बाद से ही भारत की तीनों सेनाएं सतर्क हैं. लद्दाख के पास लगातार थल सेना को भेजा जा रहा है, बॉर्डर और आसपास के इलाकों में तैनाती बढ़ाई जा रही है. साथ ही वायुसेना ने भी लेह एयरबेस पर अपने पैर जमा लिए हैं.

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इस बीच सरकार की ओर से सेना को इमरजेंसी फंड दिया गया है. इसके तहत 500 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, साथ ही सेना को अब ये छूट है कि जरूरत के लिए वह किसी भी हथियार की खरीदारी तुरंत कर सकते हैं. ऐसे में किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार ने सेना का साथ दिया है.

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कड़े फैसलों के अलावा देश में चीन के खिलाफ गुस्से का माहौल है. भारत सरकार ने विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर एकजुटता दिखाने का काम किया. तो वहीं आर्थिक मोर्चे पर भी चीन को चोट दी गई, बीएसएनल-एमटीएनएल में अब सिर्फ देसी सामान का इस्तेमाल होगा तो वहीं रेलवे ने चीनी कंपनी से टेंडर वापस ले लिया. इसके अलावा आम लोग भी बड़े स्तर पर चीनी प्रोडक्ट का विरोध कर रहे हैं.

भारतीय सीमा की जासूसी करने के लिए पाकिस्तान ने भेजा ड्रोन, BSF ने कर दिया ढेर

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बीएसएफ ने पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया है. जानकारी के मुताबिक ये ड्रोन बॉर्डर पार से भारतीय सीमा में रेकी करने के मकसद से भेजा गया था. इसमें कुछ हथियार भी बंधे हुए थे. ड्रोन से M4 राइफल, ग्रेनेड और गोलियां बरामद की गई हैं. ये ड्रोन करीब 8 फीट लंबा था. वहीं सीमा पर भी लगातार पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा रहा है.

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जम्मू कश्मीर पुलिस ने दावा किया है कि लद्दाख के साथ जारी गतिरोध के बीच पाकिस्तान यह कोशिश करेगा कि सीमा से अधिक से अधिक घुसपैठ को अंजाम दिया जाए. पुलिस का दावा है कि मौजूदा हालातों में पाकिस्तान इस फिराक में है कि जम्मू कश्मीर में आतंक और हिंसा को हवा दी जा सके.

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डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में चुनौतियां बढ़ने वाली हैं और साथ ही अधिकारियों को महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा को बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं. जम्मू कश्मीर पुलिस के मुखिया ने जम्मू-श्रीनगर और जम्मू-पठानकोट हाईवे पर सुरक्षा के ग्रिड को बढ़ाने और मोबाइल पेट्रोलिंग और नाके बढ़ाने की भी बात की.

50 साल के हुए राहुल गाँधी, उतार-चढ़ाव भरा रहा है सियासी सफर

राहुल गांधी आज 50 साल के हो गए हैं. उनका जन्म 19 जून, 1970 को दिल्ली में हुआ था. सोनिया और राजीव गांधी के दो बच्चों में राहुल गांधी बड़े हैं. उनकी छोटी बहन प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश की राजनीति में कदम जमाने की कोशिश कर रही हैं. नेहरू-गांधी परिवार में जवाहर लाल नेहरु, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी प्रधानमंत्री के पद पर सुशोभित हो चुके हैं.

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पहली बार 2004 में अमेठी से लोकसभा का चुनाव जीतकर उन्होंने संसद की दहलीज पर कदम रखा. उन्होंने अमेठी लोकसक्षा क्षेत्र का 2009 और 2014 संसद में प्रतिनिधित्व किया. 2007 में उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महासचिव नियुक्त किया गया. इसके अलावा युवाओं को पार्टी से जोड़ने की उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई. उन्हें कांग्रेस की छात्र इकाई यूथ कांग्रेस और राष्ट्रीय छात्र संघ के कामकाज को देखने के लिए कहा गया.

2013 में राहुल गांधी को पार्टी ने आगे बढ़ाने का फैसला किया. उन्हें कांग्रेस उपाध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया और 11 दिसंबर 2017 को कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. 2019 का आम चुनाव राहुल गांधी के लिए किसी झटके से कम साबित नहीं हुआ. जिसके बाद राहुल गाँधी ने अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.

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गांधी परिवार के वारिस के जन्म दिन को बहुत ही धूमधाम से मनाने की परंपरा रही है. कार्यकर्ता केक काटकर और ढोल नगाड़ों के स्वागत से अपने प्रिय नेता का जश्न मनाते हैं. मगर 20 सैनिकों की शहादत के शोक में इस बार राहुल गांधी का जन्मदिन नहीं मनाया जाएगा. कांग्रेस ने राज्य की इकाइयों को इस बारे में चिट्ठी भेजकर शहीद सैनिकों के सम्मान में कार्यकर्ताओं से मौन रहने का अनुरोध किया है.