भारत-नेपाल बॉर्डर पर चली गोली, 4 भारतीयों को लगी गोली, 1 की मौत

भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल पुलिस ने ताबड़तोड़ फायरिंग की है. सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस गोलीबारी में भारत के एक शख्स की मौत हो गई है, वहीं 3 लोग गंभीर रुप से घायल हो गए हैं. यह घटना बिहार के सीतामढ़ी में हुई है.

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मामला भारत-नेपाल सीमा के सीतामढ़ी के लालबंदी बॉर्डर के पास के जानकीनगर गांव की है. जानकारी के अनुसार तीन घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. सभी घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि भारत-नेपाल सीमा पर विवाद हुआ था जिसके बाद नेपाल पुलिस की ओर से अंधाधुंध फायरिंग की गई. जिसमें एक की मौके पर मौत हो गई, वहीं तीन लोग घायल हो गए. फायरिंग के बाद से सीमा पर तनाव की स्थिती बनी हुई है.हालांकि इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

गरीब सम्मान दिवस के रूप मे लालू यादव का जन्मदिन मनाएगा राजद, 72 हजार से अधिक गरीबों को खिलाया जाएगा खाना

11 जून को RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव का जन्मदिन है, लेकिन इस बार उनकी पार्टी उनके जन्मदिवस को बड़े ही सादगी के साथ गरीब-गुरबों के बीच जाकर मनाने का फैसला किया है. तेजस्वी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि लालू यादव के इस बार के जन्मदिन को RJD गरीब सम्मान दिवस के रूप मे मनायेगी. साथ ही जन्मदिन के मौके पर 72 हजार से अधिक गरीब जनता के बीच जाकर उन्हें खाना खिलायेंगे।

ट्वीट में तेजस्वी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए यह भी लिखा है हम 144 करोड़ की 72000 LED स्क्रीन नहीं लगाते, बल्कि गरीबों को भोजन खिलाने का प्रयास करेंगे.

बिहार RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने भी कहा कि पार्टी हर साल इस मौके पर बड़ा आयोजन करती है, लेकिन इस बार कोई बड़ा आयोजन नहीं है. पूरी सादगी के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का जन्मदिवस मनाया जाएगा. केक नहीं कटेगा. केक की जगह हम लोग उन तमाम गरीब जनता को थाली में भोजन परोसेंगे जिसे बजाकर उन गरीब जनता ने BJP के वर्चुअल जनसंवाद का प्रतिकार किया था.

जगदानंद सिंह ने बताया कि 11 जून को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पटना से सड़क मार्ग से रांची के लिए रवाना होंगे और RIIMS में जाकर अपने पिता और RJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से मिलकर उन्हें उनके 73वे जन्मदिन की बधाई देंगे. इस दौरान तेजस्वी लालू यादव को जन्मदिन के मौके पर पार्टी की ओर से हाल में ही तैयार किये गए बिहार के 72 हजार बूथों के कार्यकर्ताओं की सूची उन्हें सौंपेंगे।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और RJD प्रमुख लालू यादव इस वक्त चारा घोटाले के मामले में झारखंड की राजधानी रांची की जेल में बंद हैं. स्वास्थ्य कारणों की वजह से लालू यादव को रिम्स अस्पताल के पेईंग वार्ड में रखा गया है. लालू प्रसाद यादव मधुमेह और दिल की बीमारी से ग्रसित हैं. इसके अलावा लालू प्रसाद यादव की किडनी भी ठीक से काम नहीं करती है. कोरोना के खतरे का हवाला देते हुए झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने अपने ही सरकार के समक्ष RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को रिहा करने की वकालत की थी, लेकिन उनकी इस मांग को उनकी ही सरकार ने खारिज कर दिया था.

नितीश की पुलिस ने कहा, मजदूर बिहार लौटे हैं उनसे अपराध बढ़ने का खतरा है. विवाद खड़ा होने पर वापस ली गयी चिट्टी

कोरोना संकट के बीच बिहार लौटने वाले मजदूरों को लेकर बेहद आपत्तिजनक पत्र लिखने वाले बिहार पुलिस मुख्यालय ने फजीहत के बाद यू-टर्न मारा है.

दरअसल बिहार पुलिस के ADG (लॉ एंड आर्डर) अमित कुमार ने सूबे के सारे सभी डीएम-एसपी को एक पत्र 29 मई को भेजा था. बिहार सरकार के एडीजी ने पत्र में कहा था कि बिहार में प्रवासी मजदूरों की भारी आमद होने क बाद विधि व्यवस्था को लेकर गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है. इस पत्र की कॉपी बिहार के सारे आलाधिकारियों को भेजी गयी है. साफ है पूरी बिहार सरकार को इस पत्र की जानकारी थी. किसी अधिकारी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लिहाजा ये माना जा रहा था कि सारे अधिकारी इससे सहमत थे.

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Latter Issue By Bihar Police

बिहार पुलिस के द्वारा लिखी गयी चिट्टी जब सामने आई तो इसे लेकर बवाल खड़ा हो गया. जिस तरह से पत्र में प्रवासी मजदूरों के बारे में कहा गया है की रोजगार न मिलने के कारण वो कोई गैर-कानूनी कार्य कर सकते है इसपर बिहार पुलिस पूरी तरह से घिर गयी है. इस पत्र को लेकर बिहार पुलिस सहित नितीश सरकार की थू-थू होने के बाद इसे वापस ले लिया गया है. एक अन्य पत्र जारी करते हुए कहा गया की भूलवश वो पत्र जारी हो गयी थी. और विवादित पत्र को वापस ले लिया गया है.

सुशील मोदी ने केंद्र सरकार से मांगे 25,650 करोड़, कहा राशि नहीं मिली तो बंद हो जायेंगे 66 योजनाए

बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील मोदी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है जिसे उन्होंने कहा है की केन्द्र प्रायोजित सभी 66 योजनाओं की केन्द्रांश व राज्यांश सहित पूरी राशि एक साल (2020-21) के लिए केन्द्र की ओर से वहन करने की मांग करता हूँ.

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सुशील मोदी ने कहा कि वर्ष 2019-20 में केन्द्र प्रायोजित 25,650.43 करोड़ की सभी 66 योजनाओं के लिए केन्द्रांश के तौर पर राज्य को 15,513.03 करोड़ प्राप्त हुआ जबकि राज्य को राज्यांश के तौर पर 10137.40 करोड़ खर्च करना पड़ा.

मध्याह्न भोजन योजना के तहत केन्द्रांश 1093.13 करोड़ प्राप्त हुआ जबकि राज्य को 728.75 करोड़ व समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत केन्द्रांश 3,268.93 करोड़ व राज्यांश के तौर पर 2,177.95 करोड़ खर्च करना पड़ा था.

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मगर, वर्तमान परिस्थिति में इस साल अधिकांश राज्यों के लिए राज्यांश की इतनी बड़ी राशि देना संभव होगा. अगर केन्द्र पूरी राशि वहन नहीं करेगी तो योजनाओं के बंद होने का संकट उत्पन्न हो सकता है

उन्होंने लिखा है कि कोरोना संकट व लॉकडाउन के कारण राज्यों की वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं है कि वह केन्द्र प्रायोजित योजनाओं में राज्यांश दे सके.

राहुल और प्रियंका गाँधी के आदेश पर, युथ कांग्रेस की टीम ने सासाराम की महिला को पहुँचाया घर

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने देश भर में लॉकडाउन लागू किया है. लेकिन इस लॉकडाउन में सबसे ज्यादा अगर कोई परेशान है तो वो प्रवासी मजदूर है. लॉकडाउन की वजह से जो जहाँ थे वही फंस गए. घर आने की जिद्द में प्रवासी मजदूरों ने पैदल ही सफर करना शुरू कर दिया। कई अपने घर पहुँच गए तो अब भी बड़ी संख्या में प्रवासी फंसे हुए है.

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लॉकडाउन होने की वजह से सासाराम की सुनीता देवी दिल्ली में फंस गयी थी. उनके पति का देहांत हो गया था और वो अपने घर जाना चाहती थी लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया जा रहा था. महिला को दिल्ली के शेल्टर होम में रखा गया था. सुनीता देवी रोते हुए मीडिया से ये गुहार लगा रही थी की उन्हें घर भेजा जाए. महिला को रोता देखा कांग्रेस नेता राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी ने अपने युथ कांग्रेस को जिम्मेदारी देते हुए कहा की महिला को ढूंढ कर उन्हें घर पहुंचा जाये।

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झारखण्ड यूथ कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल शुक्ल ने हमें बताया की राहुल गांधी और प्रियंका गाँधी के निर्देश पर युथ कांग्रेस की केंद्रीय टीम ने सासाराम की महिला को काफी ढूंढा। दिल्ली सरकार से भी उस महिला के बारे में पूछा गया तो सरकार के द्वारा कहा गया की उन्हें ट्रेन के जरिये घर भेज दिया गया है लेकिन जब यूथ कांग्रेस की टीम ने उन्हें ढूंढने की कोशिश की तो उस महिला को एक शेल्टर होम में पाया गया.

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श्रीनिवास की टीम के द्वारा महिला को युथ कांग्रेस के मुख्यालय ले जाया गया जहाँ से उन्हें निजी वाहन के जरिये सासाराम पहुंचा गया.

बता दें की सुनीता देवी के तीन बच्चे है. उनके पति का देहांत सासाराम में हो गया था और वो अपने घर जाना चाहती थी लेकिन लॉकडाउन के कारण दिल्ली प्रशासन उन्हें जाने नहीं दे रही थी. कांग्रेस नेत्री प्रियंका गाँधी ने बड़ा दिल दिखते हुए सुनीता देवी के तीन बच्चो में से एक बच्चे की पढाई का खर्च उठान का जिम्मा लिया है.

यूपी, बंगाल, बिहार, और झारखंड जाने वाले प्रवासी-मजदूर, छात्र ध्यान दें ये जरूरी बातें

Migrant-worker

Lockdown में फंसे प्रवासियों और छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने के केंद्र सरकार के फैसले से जहां विभिन्न राज्यों के प्रवासी मजदूरों, छात्रों को राहत मिली है, वहीं रेलवे के लिए मुसीबत पैदा हो गई है। समस्या यह है कि लोग बिना राज्य के दिशा निर्देशों के पालन करके रेलवे स्टेशन की तरफ बढ़ने लगे हैं।

इसे देखते हुए राज्य सरकारों ने लॉक डाउन में फंसे हुए सभी प्रवासियों, पर्यटकों और अन्य लोगों के लिए आधिकारिक वेबसाइट बनाई है, जहां फंसे हुए लोग अपना रजिस्टरेशन कर सकते हैं, या राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक हेल्पलाइन नम्बर पर फोन करके भी अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं

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यूपी राज्य का आधिकारिक वेबसाइट और फोन नंबर

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आधिकारिक वेबसाइट: jansunwai.up.nic.in

Name of the state Helpline numbers
Maharashtra to Uttar Pradesh 7007304242 and 9454400177
Telangana/ Andhra Pradesh to Uttar Pradesh 98866400721 and 9454402544 and 9454400135
Goa/ Karnataka to Uttar Pradesh 9415904444 and 9454400135
Punjab and Chandigarh to Uttar Pradesh 9455351111 and 9454400190
West Bengal/ Andaman and Nicobar to Uttar Pradesh 9639981600 and 9454400537
Rajasthan to Uttar Pradesh 9454410235 and 9454405388
Haryana to Uttar Pradesh 9454418828
Bihar/ Jharkhand to Uttar Pradesh 9621650067
Gujarat/daman/div/Dadar and Nagar haveli to Uttar Pradesh 8881954573 and 9454400191
Uttarakhand/ Himachal Pradesh to Uttar Pradesh 8005194092 and 9454400155
Madhya Pradesh/ Chhattisgarh to Uttar Pradesh 9454410331 and 9454400157
Delhi/ J & K/ Ladakh to Uttar Pradesh 8920827174 and 7839854579 and 9454400114 and 7839855711 and 7839854569
Odisha to Uttar Pradesh 9454400133
Tamil Nadu/ Pondicherry to Uttar Pradesh 9415114975 and 945400162
Arunachal Pradesh /Assam/ Nagaland/ Meghalaya/Manipur/Tripura/Mizoram to Uttar Pradesh 9454441070 and 9454400148

पश्चिम बंगाल राज्य का आधिकारिक वेबसाइट और फोन नंबर

बंगाल सरकार द्वारा फंसे हुए लोगो के लिए आधिकारिक वेबसाइट: www.wb.gov.in

Helpline: (033) 2356-1075, (033) 2357-1073, (033) 2356-3738, (033) 2341-2800, (033) 2214-3526 and (033) 2357-1085

बिहार राज्य का आधिकारिक वेबसाइट और फोन नंबर

बिहार सरकार द्वारा फंसे हुए लोगो के लिए आधिकारिक वेबसाइट: covidportal.bihar.gov.in

झारखंड राज्य का आधिकारिक वेबसाइट और फोन नंबर

झारखंड सरकार द्वारा फंसे हुए लोगो के लिए आधिकारिक वेबसाइट: jharkhandpravasi.in

प्रवासी मजदूर, छात्र, पर्यटक, जा सकेंगे अपने राज्य, केंद्र ने जारी किये आदेश

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के अलग-अलग जगहों पर फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, विद्यार्थियों आदि की आवाजाही की अनुमति दे दी है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अपने यहां फंसे लोगों को उनके गृह राज्यों में भेजने और दूसरी जगहों से अपने-अपने नागरिकों को लाने के लिए स्टैंडर्ड प्रॉटोकॉल तैयार करें। यानी, अब हर प्रदेश दूसरे प्रदेशों में फंसे अपने नागरिकों को वापस ला पाएगा और अपने यहां फंसे दूसरे प्रदेशों के नागरिकों को वहां भेज पाएगा।

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बहरहाल, गृह मंत्रालय ने राज्यों को फंसे लोगों को लाने और ले जाने की व्यस्था के लिए कुछ गाइडलाइंस भी जारी किया है। इसके मुताबिक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश इस काम के लिए नोडल अथॉरिटीज नामित करेंगे और फिर ये अथॉरिटीज अपने-अपने यहां फंसे लोगों का रजिस्ट्रेशन करेंगी। जिन राज्यों के बीच लोगों की आवाजाही होनी है, वहां की अथॉरिटीज एक दूसरे से संपर्क कर सड़क के जरिए लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करेंगी। जो लोग जाना चाहेंगे, उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। अगर उनमें कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं दिखेंगे तो उन्हें जाने की अनुमति होगी।

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लोगों की आवाजाही के लिए बसों का उपयोग किया जा सकेगा। बसों को सैनिटाइज करने के बाद उसमें सोशल डिस्टैंसिंग के नियम के मुताबिक ही लोगों को बिठाया जाएगा। कोई भी राज्य इन बसों को अपनी सीमा में प्रवेश करने से नहीं रोकेगा और उन्हें गुजरने की अनुमति देगा। डेस्टिनेशन पर पहुंचने के बाद लोगों की लोकल हेल्थ अथॉरिटीज की ओर से जांच की जाएगी। बाहर से आए लोगों को घूमने-फिरने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें होम क्वॉरेंटाइन में ही रहना होगा। जरूरत पड़ी तो उन्हें अस्पतालों/स्वास्थ्य केंद्रों में भी भर्ती किया जा सकता है। उनकी समय-समय पर जांच होती रहेगी। ऐसे लोगों को आरोग्य सेतु का इस्तेमाल करना होगा ताकि उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा सके।

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गौरतलब है कि कोरोना संकट के कारण 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। ऐसे में देश के अलग-अलग हिस्सों में मजदूर, विद्यार्थी, पर्यटक, मरीज और उनके परिजन आदि फंस गए। कामकाज ठप हो जाने के कारण आमदनी रुक गई और मजदूरों को रहने-खाने की चिंता सताने लगी। तभी दिल्ली और आसपास के इलाकों से हजारों मजदूरों ने पैदल ही सैकड़ों किमी दूर अपने-अपने घरों को पलायन कर दिया। फिर लॉकडाउन की मियाद बढ़ाकर 3 मई करने की घोषणा हुई तो हजारों मजदूर मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास जुट गए। अफवाह फैली थी कि बांद्रा से मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेनें खुलने वाली हैं।

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में फंसे अपने प्रदेश के विद्यार्थियों विशेष बस से निकाला तो इस पर राजनीति होने लगी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे लॉकडाउन का घोर उल्लंघन बताया। हालांकि, उन्हें बहुत ज्यादा समर्थन नहीं मिला। फिर महाराष्ट्र के मुख्यंत्री उद्धव ठाकरे ने भी कोटा से अपने प्रदेश के विद्यार्थियों को मंगाया। ऐसे में फंसे लोगों को निकालने पर बहस गहरी होने लगी थी। अब केंद्र सरकार ने इस बहस पर विराम लगा दिया।

कोरोना जाँच के लिए राजद प्रमुख लालू यादव के भी लिए जा सकते है सैंपल

चारा घोटाला मामले में राजद प्रमुख लालू यादव को सजा हुई है. लगातार तबियत ख़राब रहने की वजह से रिम्स में उनका इलाज चल रहा है. रिम्स के पेईंग वार्ड में भर्ती लालू प्रसाद पर भी कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है। सोमवार को उनका इलाज करने वाले डॉ उमेश प्रसाद की यूनिट में पिछले लगभग तीन सप्ताह से भर्ती एक मरीज पॉजिटिव पाया गया है। इसके बाद डॉ उमेश प्रसाद की यूनिट के साथ साथ मेडिसिन विभाग के 22 सीनियर डॉक्टर, पीजी छात्र व कर्मियों ने कोरोना की जांच के लिए अपना सैंपल दे दिया है। अब लालू प्रसाद का सैंपल लिए जाने को लेकर रिम्स निदेशक डॉ डीके सिंह ने कहा कि लालू प्रसाद का इलाज करने वाले डॉक्टर की अनुशंसा के बाद ही लालू प्रसाद का सैंपल लिया जाएगा।

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डॉ सिंह ने बताया कि आईसीएमआर के गाइडलाइन के अनुसार जिस यूनिट में लालू प्रसाद का इलाज चल रहा है, उस यूनिट के डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी में संक्रमण की पुष्टि होती है तो लालू प्रसाद की भी जांच कराई जाएगी। डॉक्टर ने यह भी बताया कि जब से कोरोना का संक्रमण फैला है डॉक्टर लालू प्रसाद से सीधे संपर्क में नहीं आते हैं। दूर से ही दो तीन मिनट उनसे बीमारी के बारे में बातचीत करके लौट जाते हैं। यूनिट के सभी लोगों ने कोरोना की जांच का सैंपल दे दिया है। कल तक रिपोर्ट आ जाएगी उसके बाद लालू प्रसाद के सैंपल लिए जाने पर फैसला लिया जाएगा।

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अप्रैल के पहले सप्ताह में झारखंड के जेलों में कोरोना संक्रमण न फैले इसके लिए उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। बैठक में तय हुआ कि आर्थिक आपराधिक और सात साल से ज्यादा सजा वालों को पैरोल नहीं दी जाएगी। वहीं गंभीर आपराधिक मामलों को छोड़ सात साल की कम सजा वाले कैदियों की पैरोल का विरोध सरकार कोर्ट में नहीं करेगी। उच्च स्तरीय बैठक के बाद लालू प्रसाद के पैरोल पर चल रहा संशय थम गया है। आर्थिक अपराध का आरोपी होने के कारण लालू प्रसाद को पैरोल नहीं मिला। बैठक में हाईकोर्ट के जस्टिस एससी मिश्रा, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, जेल आईजी शशि रंजन व डालसा के सचिव मौजूद थे।